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बंगाल: टीएमसी ज्वाइन करने वाले भाजपा विधायकों पर बगावत पड़ेगी भारी, अब इस प्लान में जुटी है भगवा पार्टी

इस सप्ताह की शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई ने तृणमूल कांग्रेस में शामिल...
बंगाल: टीएमसी ज्वाइन करने वाले भाजपा विधायकों पर बगावत पड़ेगी भारी, अब इस प्लान में जुटी है भगवा पार्टी

इस सप्ताह की शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई ने तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए अपने दो विधायकों को बुधवार को धमकी दी कि यदि उन्होंने सात दिन में विधानसभा से इस्तीफा नहीं दिया तो वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने जोर देकर कहा कि पार्टी के विधायक एकजुट हैं।

बता दें कि बागदा से भाजपा विधायक विश्वजीत दास मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए जबकि विधायक तन्मय घोष सोमवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे।

हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक, अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ''213 सीटें जीतने के बावजूद, तृणमूल विपक्षी विधायकों को अपने दल में लाने की कोशिश कर रही है। हाल में, दो विधायक सत्ताधारी दल में शामिल हो गए। दोनों विधायकों ने पिछले चार महीनों से भाजपा के साथ कोई संपर्क नहीं रखा और पार्टी के सभी कार्यक्रमों और बैठकों से अनुपस्थित रहे। अब वे अपने फायदे के लिए तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।''

उन्होंने दावा किया कि तृणमूल ने दलबदल विरोधी कानून का उल्लंघन किया है क्योंकि विधानसभा में सत्ताधारी दल के नेता पार्थ चटर्जी ने खुद दास को शामिल किया था। उन्होंने कहा, ''हमने दोनों विधायकों को पत्र भेजा है और उनसे अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। अन्यथा, हम कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे। तृणमूल को हमें पहले के विपक्षी दलों की तरह समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। यह भाजपा है और हम उनके सामने नहीं झुकेंगे।''

अधिकारी के अलावा, भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख दिलीप घोष, पार्टी प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य और दक्षिण बंगाल के उसके विधायक यहां संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित थे।

इस बीच, भाजपा के प्रदेश इकाई के अध्यक्ष ने कहा कि एक या दो लोगों के पार्टी छोड़ने से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, ''चुनाव से पहले कुछ लोग हमारे साथ आए थे, और अब वे वापस तृणमूल में जा रहे हैं। इन नेताओं में सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ लड़ने की हिम्मत नहीं है। दल बदलने वाले निर्वाचित नेताओं के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।''

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